SSC की तैयारी कैसे करें

SSC की तैयारी कैसे करें

क्या है SSC और SSC की तैयारी कैसे करें – एसएससी (SSC) का पूरा नाम स्टाफ सलेक्शन कमीशन है। इसे हिंदी में कर्मचारी चयन आयोग के नाम से भी जाना जाता है।

इस आयोग की स्थापना 4 नवंबर 1975 में हुई थी। कर्मचारी चयन आयोग का सारा कार्य सरकार के द्वारा देखा जाता है। स्टाफ सलेक्शन कमीशन के द्वारा भारत सरकार के मंत्रालय के कई पदों पर या अन्य सरकारी पदों पर उमीदवारों की नियुक्ति की जाती है। 

कर्मचारी चयन आयोग के अधीन CGL, CHSL, Steno, JE, CAPF, JHT की हर साल परीक्षाएं होती होती है। हर उम्मीदवार अपनी योग्यता के अनुसार इन परीक्षाओं को पास कर के सरकारी नौकरी प्राप्त कर सकता है।

कौन सी परीक्षा किस पद के लिए

CGL

CGL का पूरा नाम COMBINED GRADUATE LEVEL EXAMINATION या कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल एग्जामिनेशन होता है। इस परीक्षा को देकर उम्मीदवार आयकर अधिकारी, ऑडिटर या फ़ूड इंस्पेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पदों को प्राप्त कर सकता है।

इस परीक्षा के लिए प्रतियोगी का कम से कम ग्रेजुएट होना जरूरी है। अभ्यार्थी को यह परीक्षा चार चरणों में देनी होती है। यह चरण टियर 1, टियर 2, टियर 3, टियर 4 है।

टियर 1 और टियर 2 में कंप्यूटर आधारित परीक्षा, टियर 3 में पेन और पेपर मोड, टियर 4 में कंप्यूटर प्रोफिसिएंसी परीक्षा होती है। टियर 1, टियर 2, टियर 3 टेस्ट हर उम्मीदवार को देना होता है।

टियर 4 परीक्षा केवल वही लोग देते हैं, जिनको कंप्यूटर टाइपिंग करनी होती है।

CHSL

CHSL कर पूरा नाम COMBINED  HIGHER SECONDARY LEVEL EXAMINATION (कंबाइंड हायर सेकेंडरी लेवल एग्जामिनेशन) है। यह परीक्षा उन प्रतियोगियों के लिए है, जो 10+2 के बाद नौकरी करना चाहते हैं।

यह परीक्षा देकर प्रतियोगी क्लर्क लग सकते हैं। यह परीक्षा तीन चरणों में होती है।

इंग्लिश लैंग्वेज (English Language), जनरल इंटेलिजेंस (General intelligence) क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड (Quantitative Aptitude), जनरल अवेयरनेस (General Awareness) विषयों की परीक्षा ली जाती है।

JE

JE की फुल फॉर्म Junior Engineer (जूनियर इंजीनियर) है। सरकार के अलग अलग विभागों में JUNIOR ENGINEER का कार्य भार उम्मीदवार को दिया जाता है।

इस पद के प्रतियोगी के पास कम से कम BTECH और डिप्लोमा होना जरूरी है। जे ई के पद के लिए कंप्यूटर आधार और लिखित परीक्षा देनी होती है।

प्रतियोगी की जनरल इंटेलिजेंस रीजनिंग(General Intelligence Reasoning) और जनरल अवेयरनेस (General Awareness) विषयों में मजबूत पकड़ होनी चाहिए।

STENO

Steno को Stenography के नाम से जाना जाता है। हिंदी में इसे आशुलिपि भी कहा जाता है। यह परीक्षा कंप्यूटर पर आधारित होती है।

इस में जनरल इंटेलिजेंस एंड रीजनिंग (General Intelligence And Reasoning), जनरल अवेयरनेस (General Awareness), इंग्लिश लैंग्वेज एंड कम्प्रेहैन्सिव (English Language and Comprehensive) विषयों पर मजबूत पकड़ होनी चाहिए।

SSC की तैयारी कैसे करें

अगर आप भी एसएससी का एग्जाम देना चाहतें है तो शायद आप भी सोचतें होंगे कि एसएससी की तैयारी कैसे करें?

अनुशासन और ईमानदारी से अगर तैयारी करें तो आपको सफलता अवश्य मिलेगी। इसके अलावा कुछ महत्त्वपूर्ण बिंदु हैं:

समय सारणी (Time table )

एसएससी (SSC) की परीक्षा को पास करने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत की जरूरत होती है। हर साल बहुत बड़ी संख्या में लोग इस परीक्षा को देते है। कुछ ही लोग इस परीक्षा को पास कर पाते है।

परीक्षा देने के लिए उम्मीदवार को सब से पहले समय सारणी बनानी चाहिए, जिसके अनुसार वह अपने आप को परीक्षा के लिए तैयार कर सके। टाइम टेबल के हिसाब से चलने पर हर विषय को पूरा समय मिलेगा और तैयारी का पूरा समय मिलेगा।

सिलेबस

किसी भी परीक्षा को पास करने के लिए उसके सिलेबस को जानना बहुत जरुरी है। आपको ये पता होना चाहिए की क्या पढ़ना है और क्या नहीं।

बहुत सारा स्टडी मैटेरियल सफलता की गारंटी नहीं दे सकता। बिना सिलेबस को जाने पढ़ने से आपका कीमती समय बर्बाद हो जाएगा और सफलता भी हाथ नहीं लगेगी।

लक्ष्य निर्धारित करें

प्रतियोगी को परीक्षा को एक लक्ष्य मान कर चलना चाहिए। जिसे हर हाल उसे पूरा करना होगा। कुछ लोग जल्दी हिम्मत छोड़ जाते है और निराश हो जाते है।

ऐसे लोग अपनी जिंदगी में कभी भी किसी भी प्रकार की मुश्किल से हार जाते है। अपने मकसद को हमेशा पाने के लिए तत्पर रहना चाहिए।

सही विषय चुनें

प्रतियोगी को परीक्षा अपनी योग्यता के अनुसार ही देनी चाहिए। जिन विषयों में ज्याद रूचि हो, उन ही विषयों को चुनें।

सही विषय चुनने से टेस्ट पास करने में आसानी होती है। किसी भी प्रकार की मुश्किल आने पर अपने अध्यापक से बात करे। किसी प्रकार का संकोच बिलकुल भी नहीं करना चाहिए।

ऑनलाइन कोचिंग

आजकल यूट्यूब पर कई चैनल्स एसएससी की कोचिंग दे रहे है। इन चैनल्स पर बहुत सारी जानकारी बड़ी आसानी के साथ मिल जाती है। जिस के लिए किसी प्रकार का भुगतान करने की जरूरत नहीं होती है।

जिन लोगो ने कभी इस परीक्षा को दिया है, उन लोगो से संपर्क जरूर करे। अपने ज्ञान को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाने की कोशिश करे।

शॉर्टकट्स सीखें

शॉर्टकट मेथड्स सीखने का प्रयास करें। यह अत्यंत आवश्यक है कि रीजनिंग और क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड के शॉर्टकट मेथड्स आपको पता हो।

यह ना केवल आपका समय बचाएगा बल्कि आपको मेहनत भी कम करनी पड़ेगी। इस से आप ज्यादा से ज्यादा सवाल हल करने का समय मिलेगा।

पिछले सालों के प्रश्न पत्र हल करें

कोशिश करें कि आप कम से कम पिछले ५ सालों के प्रश्न पत्र हल करें। इस से आपको ना केवल सिलेबस का पता चलेगा बल्कि एग्जाम पैटर्न भी समझ आएगा।

कई बार प्रश्न परीक्षा में ऐसे प्रश्न भी होते हैं जो पहले भी पूछे जा चुके हैं।

खुद को परखें

जितने समय की परीक्षा होती है उस से कम समय में प्रश्न पत्र हल करने का प्रयास करें। साथ ही यह भी देखें किस विषय या टॉपिक पर आपको परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इस से आपकी स्पीड बढ़ेगी और आप अपनी कमियां भी जान सकेंगे। अधिक से अधिक प्रयास करें।

स्वास्थ्य का ध्यान रखें

परीक्षा देते समय कुछ लोग बहुत ज्यादा तनाव में आ जाते है। अपने दिमाग पर तनाव को बिलकुल भी ना आने दे।

खाने पीने का पूरा ख्याल रखें। खाने में जितना हल्का हो सके उतना खाये। थोड़ा सुबह उठकर सैर जरूर करे। इस से मन बिलकुल तनाव मुक्त हो जाता है। जिस के कारण पढाई में मन लगता है।

पक्के मन से ठान लिया जाए तो कोई भी काम मुश्किल नहीं होता है। मंज़िल एक दिन में नहीं मिलती है, पर एक दिन जरूर मिलती है।

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